नियमित काडर के अभियोजको में से ही निदेशक अभियोजन नियुक्त किया जाना चाहिए – अध्यक्ष श्री केशर सिंह चौहान

देहरादून
आशा कोठारी

नियमित काडर के अभियोजको में से ही निदेशक अभियोजन नियुक्त किया जाना
राज्य अभियोजन सेवा संघ के अध्यक्ष श्री केशर सिंह चौहान तथा महासचिव रिंकू वर्मा प्रभारी संयुक्त निदेशक हरिद्वार द्वारा बीते गुरुवार को मुख्य सचिव राधा रतूड़ी महोदया, सचिव मा० मुख्य मंत्री श्री एस एन पाण्डे तथा शुक्रवार को गृह सचिव श्री शैलेश बगौली जी से भेट कर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 20 की उपधारा 2 (क) के प्रावधान के अन्तर्गत नियमित काडर के अभियोजको मे से ही अभियोजन निदेशक नियुक्त किये जाने के सम्बध में प्रत्यावेदन दिया गया ।
बता दें की अभियोजन विभाग एक बहुत ही महत्वपूर्ण विभाग है इसका कार्य राज्य की ओर से योजित फौजदारी मामलो मे पैरवी करना होता है वर्तमान में अभियोजन विभाग का निदेशक पुलिस विभाग के डी० जी० पी० स्तर के अधिकारी नियुक्त है परन्तु अभियोजन विभाग के अभियोजको द्वारा हमेशा से ही यह मांग की जाती रही है कि अन्य विभागो की भाँति अभियोजन विभाग का निदेशक भी अभियोजन विभाग से ही होना चाहिए
अब जब सम्पूर्ण भारत वर्ष में 01/07/2024 सें भारतीय नागरिक सुरक्षा सहिता 2023 लागू हो चुकि है तथा सहिता की धारा 20 की उपधारा 2 (क) के अनुसार उत्तराखण्ड राज्य में भी निदेशक अभियोजन नियुक्त किया जाना है घारा 20 की उपधारा 2 (क) के अनुसार निदेशक अभियोजन ऐसे व्यक्ति को नियुक्त किये जाने का प्रावधान है जो अधिवक्ता हो और 15 वर्ष तक व्यवसाय किया हो या सेशन न्यायाधीश है या रहा है।
संघ के महासचिव रिंकू वर्मा की कहना है कि विभाग में 20 से 25 वर्ष के अनुभवी अभियोजक नियमित काडर से उपलब्ध है और उनके पास अभियोजन कार्य का लम्बा अनुभव भी है और संहिता के अनुसार उनको अधिवक्ता भी माना गया है तो अभियोजन के वरिष्ठ अधिकारियो में सें ही निदेशक अभियोजन नियुक्त किया जाना चाहिए । वही श्री वर्मा के द्वारा यह भी बताया गया की यदि निदेशक अभियोजन के रूप में किसी सेशन न्यायाधीश या जनपदो मे उपनिदेशक के रूप में किसी न्यायिक अधिकारी को नियुक्त किया जाता है तो यह संविधान के अनुच्छेद 50 का स्पष्ट उल्लघन होगा और कार्य पालिका और न्याय पालिका की शक्तियों के पृथककरण के सिद्धांत की मंशा के विपरित होगा और अभियोजन विभाग के अभियोजन अधिकारी न्यायालयो में राज्य सरकार का पक्ष स्वतन्त्रता से नही कर सकेंगे । श्री वर्मा के द्वारा यह भी बताया गया की उनके द्वारा शासन को अपनी मांग से अवगत करा दिया गया है यदि उनकी मांग पर कोई कार्य वाही नही की जाती है तो वे विधिनुसार कार्यवाही की जायेगी ।
रिंकू वर्मा
महासचिव, राज्य अभियोजन सेवा संघ उत्तराखण्ड।