जॉली ग्रांट/ देहरादून
आशा कोठारी

कविता के रचयिता प्रेम बड़ाकोटी जी उत्तराखंड की साहित्यिक चेतना के सशक्त स्वर हैं। आपकी लेखनी में समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने का भाव और गहरी राष्ट्रनिष्ठा देखने को मिलती है।
> संवेदनशील कवि, जिनकी रचनाओं में सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदना और राष्ट्र बोध का अनुपम संगम है।
आप कलम के धनी, भावों के मनीषी, श्री प्रेम बड़ाकोटी जी को प्रणाम, जिन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के ‘अन्त्योदय’ के मर्म को शब्दों में पिरोकर जन-जन तक पहुँचाया।