श्रीनगर /देहरादून
आशा कोठारी


श्रीनगर-टिहरी मंडल की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश, रानीहाट रेलवे उपकेंद्र और भराड़ीसैंण सबस्टेशन का भी किया निरीक्षण
आशा कोठारी
श्रीनगर/गैरसैंण/देहरादून। उत्तराखंड में विद्युत उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने, बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और राजस्व वसूली को प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के प्रबंध निदेशक श्री पीसी ध्यानी ने अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। श्रीनगर एवं टिहरी मंडल की समीक्षा बैठक में उन्होंने उपभोक्ताओं की शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण करने, खराब मीटर तत्काल बदलने, बिलों में त्रुटियों को दूर करने तथा नए विद्युत संयोजन देने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया।
शिकायतों के निस्तारण में देरी बर्दाश्त नहीं
प्रबंध निदेशक श्री पीसी ध्यानी ने अभियंताओं एवं कार्मिकों को निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी सम्मानित विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। बकायेदार उपभोक्ताओं से शत-प्रतिशत राजस्व वसूली के लक्ष्य को गंभीरता से पूरा किया जाए तथा मीटर रीडिंग के आधार पर शत-प्रतिशत बिल जारी किए जाएं। खराब मीटरों को प्राथमिकता से बदला जाए और बिलों में गड़बड़ी मिलने पर तत्काल संशोधन किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को लेकर विशेष निर्देश देते हुए कहा कि सभी शिकायतों का सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निर्धारित समयसीमा के भीतर समाधान किया जाए। अधिकारियों को उपभोक्ताओं की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने और अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने के निर्देश भी दिए गए।
स्मार्ट मीटर से बढ़ेगी पारदर्शिता, नए कनेक्शन में तेजी लाने पर जोर
विद्युत बिलिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए श्री ध्यानी ने उपभोक्ताओं के कनेक्शनों पर प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश दिए। इससे उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत और बिलों पर निगरानी रखने में सुविधा मिलेगी।
उन्होंने नए विद्युत संयोजन जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को भी कहा। प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि औचक निरीक्षण के दौरान यदि किसी उपभोक्ता को अनावश्यक रूप से विद्युत संयोजन देने में विलंब किए जाने का मामला सामने आता है, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को कार्यप्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने और उपभोक्ता सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में मुख्य अभियंता श्री एनएस बिष्ट, अधीक्षण अभियंता श्री गौरव शर्मा, श्री मयूर देव सिंह, श्री प्रशांत बहुगुणा सहित टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, कोटद्वार और नैनीडांडा क्षेत्रों के अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी एवं अवर अभियंता उपस्थित रहे।
रानीहाट के 132 केवी जीआईएस उपकेंद्र का निरीक्षण
दूसरी ओर, पिटकुल के प्रबंध निदेशक श्री पीसी ध्यानी ने रेलवे के लिए निर्मित 132 केवी जीआईएस उपकेंद्र रानीहाट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपकेंद्र में स्थापित रिमोट ऑपरेशन एवं मॉनिटरिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली का बारीकी से परीक्षण किया।
उन्होंने निर्देश दिए कि 132 केवी जीआईएस उपकेंद्र ऋषिकेश और रानीहाट को अनमैन्ड सबस्टेशन के रूप में संचालित करने के लिए रिमोट ऑपरेशन, मॉनिटरिंग और कंट्रोल की सभी व्यवस्थाएं मजबूत की जाएं। उन्होंने तकनीकी प्रणालियों को प्रभावी बनाने तथा आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
विधानसभा सत्र से पहले भराड़ीसैंण की विद्युत व्यवस्था पर विशेष ध्यान
गैरसैंण में आगामी विधानसभा सत्र को देखते हुए प्रबंध निदेशक श्री पीसी ध्यानी ने भराड़ीसैंण पहुंचकर यूपीसीएल के सबस्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विधानसभा सत्र के दौरान सुचारु एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विद्युत व्यवस्था से संबंधित तैयारियों को समय रहते पूरा करने और सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर जोर दिया।
इस निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता गढ़वाल श्री एनएस बिष्ट, अधीक्षण अभियंता श्री गौरव शर्मा, अधीक्षण अभियंता श्री एसएन वर्मा सहित अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी एवं अवर अभियंता उपस्थित रहे।
उपभोक्ता हितों की रक्षा, पारदर्शी बिलिंग, समयबद्ध शिकायत निस्तारण और निर्बाध विद्युत आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए प्रबंध निदेशक श्री पीसी ध्यानी ने स्पष्ट संदेश दिया कि विद्युत सेवाओं में सुधार के लिए अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा। वहीं, रेलवे उपकेंद्र की तकनीकी व्यवस्थाओं और विधानसभा सत्र से पहले भराड़ीसैंण में विद्युत आपूर्ति की तैयारियों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।