यूपीसीएल ने 2026-27 को बनाया “बिलिंग एफिशिएंसी वर्ष”, 92% बिलिंग और 100% राजस्व वसूली का लक्ष्य, पीसी ध्यानी,

देहरादून

आशा कोठारी

प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी का स्पष्ट संदेश—राजस्व बढ़ेगा, बिजली चोरी रुकेगी और उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर सेवा
देहरादून। उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 को “बिलिंग एफिशिएंसी वर्ष” के रूप में मनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नव नियुक्त प्रबंध निदेशक श्री पी.सी. ध्यानी ने शुक्रवार को आयोजित राजस्व समीक्षा बैठक में इस महत्वाकांक्षी अभियान की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि अब UPCL का लक्ष्य केवल बिजली वितरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसे एक आर्थिक रूप से सुदृढ़, पारदर्शी, आधुनिक और लाभ अर्जित करने वाली वितरण कंपनी के रूप में स्थापित किया जाएगा।
राजस्व समीक्षा बैठक में प्रदेश के सभी क्षेत्रों से मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता तथा अवर अभियंता सहित विभिन्न स्तरों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में बिजली वितरण व्यवस्था, बिलिंग प्रणाली, राजस्व वसूली, लाइन लॉस, विद्युत चोरी और उपभोक्ता सेवाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रबंध निदेशक श्री पी.सी. ध्यानी ने कहा कि किसी भी विद्युत वितरण कंपनी की सफलता उसकी राजस्व व्यवस्था, बिलिंग की शुद्धता और उपभोक्ताओं के विश्वास पर निर्भर करती है। यदि बिलिंग व्यवस्था मजबूत होगी और राजस्व की समय पर वसूली होगी तो कंपनी आर्थिक रूप से सशक्त बनेगी, जिससे बिजली व्यवस्था के आधुनिकीकरण, नई परियोजनाओं और बेहतर उपभोक्ता सेवाओं में निवेश करना आसान होगा।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान प्रत्येक विद्युत मंडल को 92 प्रतिशत बिलिंग एफिशिएंसी तथा 100 प्रतिशत कलेक्शन एफिशिएंसी का लक्ष्य हर हाल में प्राप्त करना होगा। इसके लिए प्रत्येक स्तर पर नियमित समीक्षा, निगरानी और जवाबदेही तय की जाएगी।
श्री ध्यानी ने कहा कि बिजली चोरी UPCL की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। इससे कंपनी को आर्थिक नुकसान तो होता ही है, ईमानदारी से बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं पर भी इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्युत चोरी के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया जाए, नियमित जांच की जाए और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण से बिलिंग दक्षता और राजस्व संग्रह दोनों में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
बैठक में विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों के एवरेज बिलिंग रेट को भी व्यवस्थित और संतुलित बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। प्रबंध निदेशक ने कहा कि प्रत्येक श्रेणी में वास्तविक खपत के अनुरूप बिलिंग सुनिश्चित की जाए ताकि उपभोक्ताओं को सही बिल मिले और कंपनी के राजस्व में भी अनावश्यक कमी न आए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें बल्कि नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा करें। गांवों, कस्बों और शहरों में जाकर उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुनें तथा उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बेहतर विद्युत सेवा तभी संभव है जब अधिकारी जमीनी स्तर की वास्तविक परिस्थितियों को समझते हुए त्वरित निर्णय लें।
प्रबंध निदेशक श्री ध्यानी ने राज्य सरकार की “Less Government, More Governance” की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि UPCL में भी इसी भावना के अनुरूप कार्य संस्कृति विकसित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की समस्याओं का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा ताकि वे पूरी क्षमता और मनोयोग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
बैठक के दौरान राजस्व वसूली, स्मार्ट कार्य प्रणाली, बिलिंग सुधार और लाइन लॉस कम करने के लिए विभिन्न रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग करें और मासिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बैठक के अंत में श्री ध्यानी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से प्रदेशहित को सर्वोपरि रखते हुए टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि UPCL की सफलता केवल आंकड़ों की सफलता नहीं होगी, बल्कि इसका सीधा लाभ प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली व्यवस्था के रूप में मिलेगा।
इसी दिन दोपहर बाद उत्तराखण्ड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने भी प्रबंध निदेशक श्री पी.सी. ध्यानी से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें स्थायी प्रबंध निदेशक का दायित्व संभालने पर शुभकामनाएं दीं। प्रतिनिधिमंडल ने आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में UPCL नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और कर्मचारियों की समस्याओं का भी प्रभावी समाधान होगा।
संघर्ष मोर्चा के संयोजक श्री इसरूल हक ने कहा कि UPCL के अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा के साथ प्रबंध निदेशक के नेतृत्व में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से कंपनी को लाभ की स्थिति में लाया जा सकता है।
इस अवसर पर श्री पी.सी. ध्यानी ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनका कल्याण और समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी संतुष्ट और प्रेरित होंगे तो उसका सकारात्मक प्रभाव सीधे उपभोक्ता सेवाओं और कंपनी के प्रदर्शन पर दिखाई देगा। उन्होंने सभी से बिलिंग दक्षता बढ़ाने, लाइन लॉस कम करने तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
इसके अलावा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड के प्रतिनिधियों ने भी श्री ध्यानी से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रदेश में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति, त्वरित शिकायत निस्तारण और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर विद्युत सेवाओं की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने विश्वास जताया कि नए नेतृत्व में UPCL उद्योगों के लिए अधिक सक्षम और उत्तरदायी संस्था के रूप में कार्य करेगा।
कुल मिलाकर, वित्तीय वर्ष 2026-27 को “बिलिंग एफिशिएंसी वर्ष” घोषित करने का निर्णय UPCL की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यदि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप बिलिंग दक्षता, शत-प्रतिशत राजस्व वसूली, बिजली चोरी पर नियंत्रण, लाइन लॉस में कमी तथा उपभोक्ता सेवा सुधार के प्रयास सफल होते हैं तो इससे न केवल UPCL की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि पूरे उत्तराखण्ड में विद्युत वितरण व्यवस्था भी अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बन सकेगी।