प्रेम बड़ाकोटी
देहरादून:

वर्ष १९७५ में देश पर आरोपित आपात्काल की ५१ वीं बरसी पर भारत सरकार द्वारा एक बड़ा निर्णय लिया गया है, जिसके तहत आपात्काल का यह सम्पूर्ण घटनाक्रम, NCERT के कक्षा ९ के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जायेगा। प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी इस निमित्त बधाई के पात्र हैं। आपात्काल का यह प्रकरण इस बात की याद दिलाता है कि भारत के लोकतन्त्र पर जब भी कुठाराघात की कोशिश हुई, देश का जनमानस तानाशाही के विरुद्ध उठ खड़ा हुआ। सत्ता की निरंकुशता पर जनता का निर्णय जनतन्त्र की सुरक्षा की गारण्टी है। पाठ्यक्रम में इस विषय को जोड़ने की मांग इमरजेन्सी के कारागार बन्दियों अर्थात् लोकतन्त्र सेनानियों के द्वारा अनेक वर्षों से रखी जा रही है। वर्तमान का यह चिरप्रतीक्षित निर्णय प्रासंगिक है, स्वागत योग्य है।