मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह जी के दिशा निर्देशों के अनुरूप पिटकुल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए दिन-रात कार्य किया जा रहा है -श्री पीसी ध्यानी

आशा कोठारी

हरिद्वार /  देहरादून

 

पिटकुल के प्रबंध निदेशक श्री पीसी ध्यानी द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह जी के दिशा निर्देशों के अनुरूप पिटकुल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए दिन-रात कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी मे उन्होंने 220 विद्युत उपकेंद्र रुड़की हरिद्वार का भ्रमण भी किया गया। भ्रमण के दौरान उन्होंने पिटकुल में कई वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे अधिकारीगण व कर्मचारीगण योगेश सैनी, गुरजीत सिंह दत्ता, श्रीमती कमलेश की सेवानिवृत्ति पर उन्हे भावभीनी विदाई के साथ उनके सेवाकाल की सराहना भी की। वही उन्होंने अधिनस्थ अधिकारियों को मानसून के दृष्टिगत उप केंद्रो में होने वाली समस्याओं के निदान के लिए अभी से प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने हरिद्वार जनपद में भविष्य की बढ़ती मांग को लेकर क्षेत्र में एक नए 400 केवी के उपकेंद्र की आवश्यकता पर भी जोर दिया तथा उप केंद्र के लिए उपलब्ध भूमि का सर्वे कराकर नए 400 केवी उपकेंद्र का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। प्रबंध निदेशक श्री पीपी ध्यानी ने पिटकुल की प्रस्तावित टेस्ट लैब की भूमिका निरीक्षण भी किया। श्री ध्यानी ने बताया कि इस टेस्ट लैब के निर्माण से पिटकुल के अतिरिक्त यूपीसीएल, यूजेवीएनएल तथा अन्य राज्यों के विद्युत क्षेत्र के उपक्रम भी प्रयोगशाला का उपयोग कर लाभ उठा सकेंगे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के साथ उन्हें उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर कार्य करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को गर्मियों के दृष्टिगत आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। श्री ध्यानी ने 220 केवी के उपकेंद्र के कंट्रोल रूम के अलावा स्विच यार्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सभी अधिकारियों को ग्रीष्मकालीन ऋतु में विद्युत की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए 24 घंटे तैयार रहने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर मुख्य अभियंता ओएंडएम पिटकुल श्री अनुपम सिंह, अधीक्षण अभियंता श्री पंकज चौहान, अधीक्षण अभियंता संजीव गुप्ता, अधिशासी अभियंता श्री अश्विन, अधिशासी अभियंता श्री सुशील कुमार, अधिशासी अभियंता श्री जावेद अंसारी, अधिशासी अभियंता श्री अमित कुमार, अधिशासी अभियंता श्री राजवीर सिंह आदि भी उपस्थित थे।