देहरादून
आशा कोठारी

देहरादून। उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, लोक विरासत और क्षेत्रीय सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से रविवार को एसएनएन फिल्म के निर्माता निर्देशक श्री सोहन उनियाल को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कोऑर्डिनेटर हरीश कोठारी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। मुलाकात में उत्तराखंड की फिल्म नीति को और अधिक प्रभावी बनाने, प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं को विस्तार देने तथा स्थानीय कलाकारों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
हरीश कोठारी ने उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, पारंपरिक विरासत और क्षेत्रीय सिनेमा को आगे बढ़ाने के लिए SNN Films द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
निर्माता निर्देशक श्री सोहन उनियाल ने बताया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोकगीत, लोक परंपराएं और प्राकृतिक सौंदर्य प्रदेश की विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सिनेमा और संगीत ऐसे सशक्त माध्यम हैं, जिनके जरिए इस विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाया जा सकता है। प्रदेश में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन देने और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
SNN Films के निर्माता-निर्देशक सोहन उनियाल ने बताया कि वह पिछले लगभग दस वर्षों से उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सिनेमा एवं संगीत के माध्यम से संरक्षित और प्रचारित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनके अनुसार, उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक मंच तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना उनके कार्यों का प्रमुख उद्देश्य रहा है।
उन्होंने बताया कि हिंदी फिल्म धागे तथा उत्तराखंडी फीचर फिल्मों जय मां धारी और पोथाली सहित विभिन्न फिल्म परियोजनाओं में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसके अतिरिक्त, वह उत्तराखंडी और हिंदी भाषा के 100 से अधिक गीतों के निर्माण से भी जुड़े रहे हैं। उनका प्रयास रहा है कि उत्तराखंड की संस्कृति और यहां की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय फिल्म एवं संगीत जगत में उचित पहचान मिल सके।
सोहन उनियाल की कार्यशैली का एक महत्वपूर्ण पक्ष उत्तराखंड के कलाकारों को प्रोत्साहित करना और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना भी है। इसी दिशा में उनके द्वारा उत्तराखंड कलाकार प्रीमियर लीग का आयोजन किया गया, जिसमें कलाकारों को एकजुट करने और प्रदेश की कला-संस्कृति को बढ़ावा देने की भावना प्रमुख रही।
उनियाल का मानना है कि उत्तराखंड के फिल्म और संगीत उद्योग को मजबूत बनाने के लिए निर्माता, निर्देशक, कलाकार, संगीतकार और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को सामूहिक रूप से आगे आना होगा। आपसी सहयोग और एकजुटता से ही प्रदेश में क्षेत्रीय सिनेमा के लिए बेहतर संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं।
सोहन उनियाल ने उत्तराखंड की क्षेत्रीय विविधता को प्रदेश की ताकत बताते हुए कहा, “क्या कुमाऊं, क्या गढ़वाल, क्या जौनसार, क्या जौनपुर—हम सब उत्तराखंडी छां।” उन्होंने कहा कि यही एकता, साझा सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक विकास की भावना उत्तराखंड की कला एवं संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आधार है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की फिल्म नीति को प्रभावी बनाने, स्थानीय कलाकारों को अधिक अवसर देने और क्षेत्रीय फिल्मों को प्रोत्साहित करने के लिए इस प्रकार के संवाद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इस अवसर पर देहरादून एक्सप्रेस के ब्यूरो चीफ गिरीश भट्ट, सरदार तजेंद्र सिंह सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।