देहरादून
आशा कोठारी

देहरादून में बिजली संकट गहराया, पीक आवर्स में 350 MW की कमी – यूपीसीएल ने की अब आपात कटौती की तैयारी,
देहरादून/ प्रदेश में कोयला और जल आधारित बिजली घरों से कम उत्पादन के चलते संभावित बिजली संकट को लेकर यूपीसीएल प्रबंधन ने की समीक्षा बैठक।
यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक श्री पीपी ध्यानी ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक में बताया कि देश में मांग और उपलब्धता में अंतर के कारण पीक आवर्स में कई क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसके लिए सभी अधिकारियों कर्मचारियों अपने-अपने जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए, निष्कर्ष यह नजर आया कि कई कारण से यह है स्थिति पैदा हुई है।
संकट के 4 बड़े कारण:
1. राष्ट्रीय स्तर पर कोयला आधारित उत्पादन और पावर एक्सचेंज से बिजली की सीमित उपलब्धता, वो भी रिकॉर्ड महंगे दामों पर।
2. नदियों में जल प्रवाह कम होने से राज्य और केंद्रीय जल विद्युत परियोजनाओं से उत्पादन में पिछले साल की तुलना में औसतन 250 MW की कमी।
3. टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट की दो इकाइयां तकनीकी कारणों से बंद, जिससे 100 MW की क्षमता प्रभावित।
4. कुल मिलाकर पीक आवर्स में लगभग 350 MW की कमी देखी जा रही है।
ग्रिड की सुरक्षा के लिए NRLDC (Northern Regional Load Despatch Centre) द्वारा ओवरड्रॉ की अनुमति भी प्रतिबंधित की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से पीक आवर्स में पावर ग्रिड की आवृत्ति घटकर 49.50 हर्ट्ज तक चली गई है।
इसी कारण ग्रिड की सुरक्षा और स्थिरता के लिए कुछ क्षेत्रों में आपातकालीन रोस्टरिंग / कटौती करनी पड़ रही है।
एमडी ने जताई नाराजगी
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की स्थिति अन्य पड़ोसी राज्यों से बेहतर है, इस पर प्रबंध निदेशक ने कड़ी नाराजगी जताई और एक सप्ताह के भीतर स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्देश दिए कि –
– सभी क्षेत्रीय इकाइयां निर्बाध आपूर्ति के लिए विशेष अनुरक्षण अभियान चलाएं।
– नवीन निर्माण और परियोजना संबंधी कार्यों के लिए अलग से बिजली बाधित न की जाए।