मुद्दाहीन कांग्रेस झूठे नैरेटिव के सहारे राजनीति कर रही: मुख्यमंत्री धामी

देहरादून -आशा कोठारी

यूआईआईडीबी, बिजली खरीद और अंकिता भंडारी मामले पर सीएम ने कांग्रेस के आरोपों को बताया बेबुनियाद
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर उत्तराखंड में मुद्दों के अभाव में झूठे नैरेटिव गढ़ने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास प्रदेश में उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह अलग-अलग विषयों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने पहले हल्द्वानी की एक घटना को लेकर दलित भेदभाव का नैरेटिव बनाने का प्रयास किया, लेकिन बाद में सामने आए तथ्यों के अनुसार घटना में शामिल बताए गए पांच लोग अनुसूचित जाति समाज से थे। उन्होंने कहा कि इसी तरह कांग्रेस ने उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) को लेकर सात हजार बीघा जमीन से संबंधित आरोप लगाए हैं, जबकि राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बोर्ड को अब तक 45 एकड़ भूमि ही उपलब्ध हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि UIIDB का उद्देश्य प्रदेश में पर्यटन, आतिथ्य, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सेवा क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करना तथा रोजगार के अवसर बढ़ाना है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सरकार तथ्यों के साथ हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।
दीर्घकालीन ऊर्जा खरीद को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में महंगी दरों पर बिजली खरीद के करार किए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने प्रदेश की दीर्घकालीन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कम दर पर बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के अनुसार पीक ऑवर में प्रदेश को वर्तमान में 14 से 15 रुपये प्रति यूनिट तक बिजली खरीदनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि सस्ती बिजली की व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस अनावश्यक सवाल खड़े कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांग्रेस कभी ईवीएम और कभी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने हमेशा पारदर्शिता के साथ कार्य किया है और बेबुनियाद आरोपों से सरकार के कामकाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने घटना के बाद पहले दिन से ही कठोर कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि मामले में तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा हुई है और प्रकरण आगे की अदालतों में विचाराधीन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई कर रही है और राज्य सरकार अंकिता को न्याय दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास, पारदर्शिता और जनहित के मुद्दों पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब सरकार तथ्यों और उपलब्धियों के आधार पर देती रहेगी।