


जॉली ग्रांट / देहरादून
आशा कोठारी
पुरानी पीढ़ी के वयोवृद्ध कार्यकर्ता,मेरे प्रचारक जीवन के शुभचन्तकों में एक, शिक्षक, समाजसेवी, ‘श्रीमद्भागवद्गीता गढ़वाली’ के काव्यानुवादक,भिटियारा जलकूर निवासी श्रद्धेय पं० मोहनलाल नौटेयाल, आज आवस पर पधारे । साथ में वेदविज्ञान साधना व वेदविद्या अनुदान फाउण्डेशन में सक्रिय परिवारजन भी । सौभाग्य, ४५ वर्ष पुरानी स्मृतियां जाग्रत हो उठीं। विदित हो, इसी ३० जून को श्री नौटियाल जी के जन्मदिन पर वैदिक साधना आश्रम, तपोवन में विद्वत्जनों के मध्य उनका नागरिक अभिनन्दन तथा इस ग्रन्थ का लोकार्पण सम्पन्न हुआ,मंगलकामनाएं ।