टाइम्स हायर एजुकेशन सस्टेनेबिलिटी इंपैक्ट रैंकिंग 2026 में एसआरएचयू का वैश्विक परचम

जॉली ग्रांट /देहरादून

आशा कोठारी

विश्व के 1600 से अधिक विश्वविद्यालयों के बीच 201-300 ग्लोबल रैंक बैंड में स्थान, सतत विकास और सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान की अंतरराष्ट्रीय मान्यता

उत्तराखंड की धरती पर शिक्षा, स्वास्थ्य और अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट ने वैश्विक स्तर पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रतिष्ठित टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) सस्टेनेबिलिटी इंपैक्ट रैंकिंग 2026 में विश्वविद्यालय ने 201-300 ग्लोबल रैंक बैंड में स्थान प्राप्त कर देश और उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है।
यह उपलब्धि केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, शोध, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और समाज के प्रति निभाई जा रही जिम्मेदारियों की वैश्विक स्वीकृति है। एसआरएचयू ने अपने सतत प्रयासों से यह साबित किया है कि उच्च शिक्षा संस्थान केवल ज्ञान के केंद्र नहीं होते, बल्कि समाज के विकास और परिवर्तन के महत्वपूर्ण माध्यम भी बन सकते हैं।
वैश्विक मंच पर एसआरएचयू की मजबूत पहचान
टाइम्स हायर एजुकेशन सस्टेनेबिलिटी इंपैक्ट रैंकिंग दुनिया की प्रतिष्ठित रैंकिंग में शामिल है, जिसमें विश्वविद्यालयों के योगदान का मूल्यांकन संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals – SDGs) के आधार पर किया जाता है।
वर्ष 2026 की इस रैंकिंग में विश्वभर के 1600 से अधिक विश्वविद्यालयों ने भाग लिया। इसमें संस्थानों के पर्यावरणीय प्रयासों, सामाजिक प्रभाव, स्वास्थ्य सेवाओं, अनुसंधान क्षमता, नवाचार, समानता, ऊर्जा संरक्षण और वैश्विक साझेदारी जैसे मानकों को ध्यान में रखा गया।
एसआरएचयू ने इन सभी क्षेत्रों में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 201-300 ग्लोबल रैंक बैंड में स्थान हासिल किया और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
सतत विकास लक्ष्यों की विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन
एसआरएचयू ने संयुक्त राष्ट्र के कई सतत विकास लक्ष्यों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है—
SDG-6 (स्वच्छ जल एवं स्वच्छता) में विश्वविद्यालय ने विश्व स्तर पर 89वीं रैंक प्राप्त कर जल संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी प्रभावी भूमिका दर्ज कराई।
SDG-3 (अच्छा स्वास्थ्य एवं कल्याण) में 201-300 ग्लोबल रैंक बैंड प्राप्त किया। स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
SDG-7 (सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा) में 201-300 ग्लोबल रैंक बैंड प्राप्त कर ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
SDG-12 (जिम्मेदार उपभोग एवं उत्पादन) में 101-200 ग्लोबल रैंक बैंड हासिल किया।
SDG-17 (लक्ष्यों के लिए साझेदारी) में 201-300 ग्लोबल रैंक बैंड प्राप्त कर वैश्विक सहयोग और सामाजिक भागीदारी के क्षेत्र में अपनी भूमिका साबित की।
SDG-9 (उद्योग, नवाचार एवं अवसंरचना) में 401-600 ग्लोबल रैंक बैंड प्राप्त किया।
शिक्षा के साथ समाज सेवा को भी दी प्राथमिकता
एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की सोच हमेशा से शिक्षा को समाज सेवा से जोड़ने की रही है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और कर्मचारियों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि एसआरएचयू उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में भी लगातार कार्य कर रहा है।
विश्वविद्यालय द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं, सामाजिक उत्थान के कार्यक्रम और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयास समाज के विभिन्न वर्गों के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं।
अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में बढ़ते कदम
वर्तमान समय में उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है। एसआरएचयू ने अनुसंधान और नवाचार को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। विश्वविद्यालय में होने वाले शोध कार्य समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में नए शोध, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान देने की दिशा में विश्वविद्यालय लगातार आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी हासिल कर चुका है सम्मान
एसआरएचयू को इससे पहले भी कई राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां मिल चुकी हैं। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मान्यता प्राप्त हो चुकी है।
विश्वविद्यालय की A+ ग्रेडिंग इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता, बेहतर संस्थागत व्यवस्था और निरंतर विकास का प्रमाण है।
विश्वविद्यालय परिवार में खुशी और उत्साह
टाइम्स हायर एजुकेशन इंपैक्ट रैंकिंग 2026 में मिली इस उपलब्धि से एसआरएचयू परिसर में खुशी का माहौल है। शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने इसे विश्वविद्यालय की लगातार बढ़ती वैश्विक पहचान की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है।
डॉ. विजय धस्माणा ने कहा—
“यह उपलब्धि हमारे सामूहिक प्रयासों, मेहनत और उत्कृष्टता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का परिणाम है। एसआरएचयू भविष्य में भी शिक्षा, शोध, नवाचार, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर अवसर देना और समाज के विकास में सार्थक योगदान देना है।”