आदरणीय श्री भुवन चद्र खण्डूरी,भुवन दा अन्तिम यात्रा पर चले गये आज आप हमारे बीच नहीं रहे व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए व उत्तराखंड राज्य के लिए अपूर्णीय क्षति है – प्रेम बड़ाकोटी

जॉली ग्रांट  देहरादून

प्रेम बड़ाकोटी संरक्षक, उत्तराञ्चल उत्थान परिषद

अत्यंत दुखद

आदरणीय श्री भुवन चद्र खण्डूरी,भुवन दा अन्तिम यात्रा पर चले गये । किसी भद्र पुरुष को यदि दण्डित करना हो तो ‘उसके सम्मुख उसकी प्रशंसा करें पर अब, उनके प्रखर आभामण्डल के कारण उनकी अनुपस्थिति में निश्चित ही उनका यशोगान होगा ।
जनरल खण्डूरी सेना की एक लम्बी अवधि की सेवा पूरी कर,राजनीति में आये । किन्तु सेवा का स्वाभाव, दिनचर्या मे अनुशासन, कर्तव्य पालन का भाव,व्यक्ति की पहिचान ये संस्कार उनमें निहित हैं। उनके कठोर स्वभाव के कारण यदा कदा कुछ रुष्टता भी रही होगी,किन्तु निसन्देह उस कठोरता के अन्तःकरण में उनका सुकोमल मन भी है। उन पर कोई आक्षेप नहीं है,उनकी राजनीति पारदर्शी है,धवल है,उदाहरण योग्य है।