देहरादून:
आशा कोठारी

देहरादून। राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राज्य आपदा प्रबंधन योजना एवं जनपद आपदा प्रबंधन योजनाओं को अद्यतन किए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस संबंध में मंगलवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें योजनाओं के अद्यतन कार्य की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में अवगत कराया गया कि राज्य तथा जनपद आपदा प्रबंधन योजनाओं का कार्य लगभग अंतिम चरण में हैं और शीघ्र ही इन्हें प्रकाशित किया जाएगा। सचिव आपदा प्रबंधन ने कहा कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, बदलते जलवायु परिदृश्य, नई तकनीकों के समावेशन तथा पूर्व में घटित आपदाओं से प्राप्त अनुभवों को ध्यान में रखते हुए एसडीएमपी एवं डीडीएमपी को समय-समय पर अपडेट करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अद्यतन योजनाओं में जोखिम मूल्यांकन, संसाधन मैपिंग, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, सामुदायिक सहभागिता तथा विभागीय समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, जिससे आपदा के समय त्वरित एवं समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, योजनाओं को फील्ड स्तर पर अधिक व्यावहारिक एवं क्रियान्वयन योग्य बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
सचिव आपदा प्रबंधन ने निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग एवं जनपद प्रशासन योजनाओं के अद्यतन में सक्रिय सहयोग करें तथा स्थानीय स्तर की चुनौतियों एवं आवश्यकताओं को योजनाओं में समुचित रूप से शामिल किया जाए। बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक श्री अभिषेक कुमार आनंद, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद रहे।