देहरादून:
आशा कोठारी

गैरसैण विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र के दौरान बुधवार, दिनाँक: २०.८.२०२५, के दिन, विपक्ष के भारी हंगामे व व्यवधान के मध्य, उत्तराखण्ड के जुझारू व संकल्पवान मुख्यमन्त्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जिस योजकता तथा कुशलता से चिर वाँछित, ’उत्तराखण्ड लोकतन्त्र सेनानी सम्मान विधेयक – २०२५’ को सदन में ध्वनिमत से पारित कराने में सफलता प्राप्त की है, वह उनकी अक्षुण्ण कार्यक्षमता तथा प्रबल आत्मविशास का परिचायक है।सम्प्रति, सम्मानित राज्यपाल जी द्वारा संस्तुति अभिनन्दनीय हैं।
राज्य के मुख्यमन्त्री, हितचिन्तक श्री धामी जी तथा उनकी सम्मानित टीम,मा० विधायक गणों के इस साहसिक तथा न्यायपूर्ण कदम के प्रति समस्त उत्तराखण्डवासी, लोकतन्त्र सेनानी व उनके परिवारजन, समवेत स्वरों में सबका हार्दिक धन्यवाद व्यक्त करते हैं।
५० वर्षों के लम्बे अन्तराल के बाद सरकार ने इस विषय को अंगीकार किया, मान्यता दी है। स्मरण रहे, आपातकाल के विरुद्ध संघर्षरत कारागार बन्दियों ने कभी भी सरकार से कोई माँग नही की। इस दीर्घ कालावधि तक आपातकाल में हुए अन्याय के विरुद्ध उस त्रासदीपूर्ण संघर्ष को इन कारागार निरुद्ध स्वयंसेवक कार्यकर्ताओं ने निःस्वार्थ भाव से निज अन्तःकरण में संजोकर रखा, ताकि समाज की आगामी पीढ़ी को जीवन्त सन्देश जाये कि आपातकाल की निरंकुशता कितनी भयावह थी और विरोध में जो संघर्ष हुआ, वह जनतन्त्र के रक्षार्थ एक जनज्वार था,अस्तु।
गैरसैण सत्र में पारित अधिनियम की संवैधानिक प्रक्रिया में उत्तराखण्ड शासन के जिन वरिष्ठ, कनिष्ठ अधिकारियों तथा शुभचिन्तकों ने अपने समय,श्रम का मनोयोग से योगदान किया है, हम सदैव उनके सद्व्यवहार के प्रशंसक हैं। साथ ही भाजपा संगठन के सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं का भी आभार, जिन्होंने इस विषय को अंगाकृत कर सहमति, सम्मति दी तथा इसकी भावना को संरक्षण एवं महत्व दिया।
गत समय में पचास वर्षों के कालखण्ड के अन्तर्गत अनेकों वरिष्ठ कार्यकर्ता,प्रेरक योद्धा जो आपातकाल के भुक्तभोगी रहे, दिवंगत हो गये । इस अवसर पर उनके कृतित्व का पुण्य स्मरण करना, उनका श्रद्धापूर्वक पुण्यस्मरण, हमारा कर्तव्य है।
महामहिम राज्यपाल महोदय द्वारा उक्त परित विधेयक पर संस्तुति प्रदान करना, प्रसन्नता का विषय है, एक ऐतिहासिक प्रसंग है,जो गत ५० वर्षों से लम्बित तथा प्रतीक्षित था।
सामाजिक कार्यों में सन्नद्ध,’लोकतन्त्र सेनानी’ के नाम से सम्मानित ये समस्त.अनुभवी कार्यकर्ता,कार्यकर्त्री,पवित्र अन्तःकरण से महिम राज्यपाल जो,मा 0 मुख्यमन्त्री जी,भाजपा संगठन तथा शासन सरकार के समस्त पदाधिकारियों को पुनः साधुवाद ज्ञापित करते हैं। आप समाज कार्य में सिद्ध हों,सफल हों, बस यही मनोरथ है।