मिलकर रहना सीखो’ राज्य बाल कल्याण परिषद राज्य स्तरीय शिविर का उद्दघाटन बतौर मुख्य अतिथि महापौर श्री सौरभ थपलियाल तथा विशिष्ट अतिथि डॉ एस फारुख एव श्री एस एस कोठियाल द्वारा सरस्वती वन्दना के साथ द्वीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

देहरादून
आशा कोठारी

पारिवारिक माहौल से बाहर रहकर मिलकर रहना सीखींगे बच्चे”:
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उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद के तत्वावधान में पाँच दिवसीय राज्य स्तरीय ‘मिलकर रहना सीखो’ शिविर-2025 का उद्दघाटन मुख्य अतिथि महापौर (देहरादून) श्री सौरभ थपलियाल तथा विशिष्ट अतिथि डॉ एस फारुख एवम् पूर्व आई जी श्री एस एस कोठियाल द्वारा किया गया, सरस्वती वन्दना के साथ द्वीपप्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सौरभ थपलियाल ने अपने बचपन से लेकर छात्र जीवन तक की यादें ताजा करते हुए बच्चों से बिना द्वेष भावना के आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, उन्होंने कहा कि हर किसी बच्चे को अपना लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसके लिए सबसे पहले स्वस्थ बुनियाद रखनी होगी। अपने आसपास का वातावरण अर्थात अपना एक अच्छा साथी बनाना होगा। पढ़ाई की निरंतरता एवम् आत्मविश्वास की भावना से आगे बढ़ते रहें। श्री थपलियाल जी द्वारा साथ में आये हुए एस्कार्ट्स शिक्षकों से इस पुनीत कार्य में बढ़चढ़कर भागीदार बनने का आह्वान किया।
महासचिव श्रीमती पुष्पा मानस ने परिषद के उद्देश्य एवं गतिविधियों के बारे में शिविरार्थियों को जानकारी दी। विभिन्न जनपदों से आये बच्चों ने अपने अपने क्षेत्र के पारंपरिक लोकगीत व लोकनृत्य प्रस्तुत किए। शिविर संचालन करते हुए सयुंक्त सचिव कमलेश्वर प्रसाद भट्ट ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश के सभी जनपदों द्वारा शिविर में अपनी उपस्थिति दर्ज की है। शिविर में 30 बालक, 54 बालिकाओं और 25 एस्कार्ट्स शिक्षक सहित कुल 109 शिविरार्थी भाग ले रहे हैं।
विशिष्ट अतिथि डॉ एस फारूख ने अपनी चिरपरिचित अंदाज में शेर शायरी द्वारा बच्चों को आनंदित किया। डॉ फारूख ने बच्चों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की वकालत भी की।सभी बच्चों को गर्मी से बचते हुए सजग रहने की हिदायत भी दी।सभी बच्चों को पेय पदार्थ एवम् अन्य औषधीय प्रोडक्ट भी प्रदान किए।
पूर्व आई जी एस एस कोठियाल जी ने बच्चों को अनुशासन में रहकर अपने भविष्य को संवारने की बात कही। उन्होंने कहा कि अपने माता-पिता तथा गुरुजनों के साथ ही बड़े बुजुर्गों का सम्मान करते हुए अपनी पढ़ाई करते रहें, तभी आपको सही दिशा मिलेगी।
परिषद के बरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री जगदीश बाबला ने अपने उद्धबोधन में बच्चों से स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा।
महासचिव पुष्पा मानस ने बताया कि परिषद के बाल भवन में दिनाँक 19 मई 2025 से 23 मई 2025 तक चलने वाले इस शिविर के माध्यम से प्रदेश के जरूरतमंद वअभावग्रस्त बच्चे पारिवारिक जीवन शैली से अलग रहकर आपसी भाई-चारे के साथ स्थानीय बोली-भाषा व रीति-रिवाज़ का आदान-प्रदान कर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को जीवन्त रखने का सन्देश भी देंगे।
इस दौरान नित्य योगा कार्यक्रम, क्षेत्रीय भाषाओं में लोकगीत-लोकनृत्य, पारंपरिक तरीके के खेलकूद, लेखन अभिरुचि हेतु निबन्ध व सामान्यज्ञान प्रतियोगिता के साथ-साथ तनावपूर्ण वातावरण से मुक्ति हेतु विषय विशेषज्ञों द्वारा बच्चों के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था भी की गई है।
ग्रामीण इलाकों से आये बच्चों की जानकारी के लिए उन्हें प्रदेश मुख्यालय के प्रमुख ऐतिहासिक धरोहर आई एम ए , एफ आर आई व अन्य दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करवाया जायेगा, साथ ही विशिष्ट पहचान के व्यक्तित्वों से बच्चों की मुलाकात भी प्रस्तावित है।
शिविर में प्रदेश के प्रत्येक जनपद से 6-6 प्रतिभागी बच्चे व उनके संरक्षक के रूप में एस्कार्ट अध्यापक/अध्यापिका शामिल हैं, जिनके यात्रा-व्यय वहन सहित भोजन व आवास की निःशुल्क व्यवस्था परिषद द्वारा बाल भवन में की गई है।
महासचिव श्रीमती पुष्पा मानस ने मनोवैज्ञानिक ढंग से शिविर में उपस्थित बच्चों व उनके साथ आए एस्कॉर्ट्स की काउंसलिंग की। लगभग एक घण्टे तक बच्चों के साथ चर्चा-परिचर्चा में अनेकों प्रश्न पूछे गए साथ ही उनका समाधान भी किया गया।
शिविर में प्राचार्य राजीव गांधी नवोदय विद्यालय श्रीमती सुनीता भट्ट द्वारा बच्चों को बाल यौन शोषण एवम् गुड टच-बैड टच के बारे में जानकारी दी। बच्चे आधुनिक शिक्षा में वैज्ञानिक गतिविधियों का समावेश कर सकें, इसके लिए भी टिप्स दिए गए।
वरिष्ठ वैज्ञानिक वी के डोभाल द्वारा वैदिक गणित पर व्याख्यान देकर बच्चों में गणित के प्रति रुचि उत्पन्न की। डोभाल ने जटिल प्रश्नों का सरलीकरण हल देकर बच्चों को अभ्यास भी करवाया। बच्चों ने खेल खेल में अनेक प्रश्न चुटकी में हल कर लिए।
शिविर संचालन में महासचिव श्रीमती पुष्पा मानस, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री जगदीश बावला, उपाध्यक्ष श्रीमती मधु बेरी, संयुक्त सचिव कमलेश्वर प्रसाद भट्ट, कोषाध्यक्ष श्रीमती आशा श्रीवास्तव, पूर्व महासचिव वी के डोभाल, योगा प्रशिक्षक आनन्द सिंह रावत, सदस्य के पी सती, कुसुम कुठारी, डॉ कुसुम रानी नैथानी, कविता दत्ता, श्रीमती बेबी रानी झा, भूपेंद्र चौधरी, ठाट सिंह, योगम्बर सिंह रावत, मनजीत सिंह सहित सभी जनपदों से आए एस्कॉर्ट्स शिक्षक उपस्थित रहे।
संकलन
कमलेश्वर प्रसाद भट्ट
संयुक्त सचिव