सोशल मीडिया पर छाया #DhamiCleanUpCorruption भ्रष्टाचार पर धामी सरकार की सर्जिकल स्ट्राइक का असर

देहरादून:

आशा कोठारी

आम आदमी का हथियार बना भ्रष्टाचार मुक्त 1064 टोल फ्री नंबर

रसूखदारों पर भी की जा रही कड़ी कार्रवाई

भयमुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त और भरोसेमंद शासन की ओर अग्रसर नया उत्तराखंड

उत्तराखण्ड में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रहा निर्णायक अभियान अब ठोस नतीजे देने लगा है। बीते तीन वर्षों में धामी सरकार ने न सिर्फ भ्रष्टाचार को चुनौती दी, बल्कि उसके विरुद्ध एक व्यापक और बेखौफ सर्जिकल स्ट्राइक भी चलाई। इसी का असर है कि गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर #DhamiCleanUpCorruption हैशटैग ट्रेंड करता नजर आया। हज़ारों लोगों ने इस मुहिम के समर्थन में अपनी आवाज़ बुलंद करते हुए लिखा “उत्तराखण्ड अब ईमानदार नेतृत्व और जवाबदेह प्रशासन की मिसाल बनता जा रहा है।”

लोगों ने अपने पोस्ट्स में कहा कि “राज्य अब उस बदलाव की ओर बढ़ रहा है, जिसका सपना जनता ने बरसों से देखा था एक ऐसा तंत्र, जहां नीयत साफ हो, नीति पारदर्शी हो और हर निर्णय जनहित में हो।”

मुख्यमंत्री धामी की अगुवाई में राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को ज़मीन पर उतारा है। बीते तीन वर्षों में 150 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा गया—फिर चाहे वह प्रभावशाली अधिकारी रहे हों या रसूखदार चेहरे। यह सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि उस भरोसे का प्रमाण है जो अब उत्तराखण्ड की जनता सरकार के प्रति महसूस कर रही है। पिछले एक सप्ताह के दौरान इस अभियान में खासा तेजी आई है। दरोगा से लेकर नजीर और लेखपाल तक को जेल भेजा गया है।

भर्ती परीक्षाओं से लेकर ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर सिस्टम से लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन तक धामी सरकार ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार की एक भी परत अब बचने नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री स्वयं यह कई बार दोहरा चुके हैं कि उत्तराखण्ड में अब न तो भ्रष्ट आचरण को संरक्षण मिलेगा और न ही पद या प्रतिष्ठा के आधार पर किसी को छूट दी जाएगी।

धामी सरकार का यह अभियान अब केवल एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि जनआंदोलन बन चुका है। ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को शासन की रीढ़ बनाकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साबित कर दिया है कि इच्छाशक्ति हो तो व्यवस्था को बदलना संभव है।

आज उत्तराखण्ड भयमुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त और भरोसेमंद शासन की ओर अग्रसर है—और यह बदलाव किसी संकल्प का नतीजा नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और ईमानदार नेतृत्व की देन है।