दिव्य ही नहीं अलौकिक है, भगवान भोले श्री केदारनाथ जी के दर्शन।

  

मनीषा कोठारी

केदारनाथ/देहरादून:

दिव्य ही नहीं अलौकिक है, भगवान भोलेनाथ जी के दर्शन।

मेरी भगवान केदारनाथ धाम से गौरीकुंड तक की वापस पैदल यादगार यात्रा।

देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में देवताओं का वास माना जाता है। भगवान भोलेनाथ जी के विश्व प्रसिद्ध मंदिरों में एक भगवान केदारनाथ जी का मंदिर हिंदू धर्म की आस्था व विश्वास का प्रतीक है। देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ जी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भगवान भोलेनाथ जी सभी की मनोकामना भी पूर्ण करते हैं। मान्यता है कि केदार क्षेत्र में भगवान विष्णु जी के अवतार नर-नारायण को भगवान शिव जी ने दिए थे। 12 ज्योतिर्लिंग में से एक केदारनाथ धाम 12 ज्योतिर्लिंगों में पांचवां है। यह मंदिर उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में स्थित है। देहरादून (डोईवाला) से भगवान केदारनाथ धाम जी के दर्शनों के लिए पहुंची श्रद्धालु मनीषा कोठारी ने बताया कि गौरीकुंड से वह पैदल यात्रा करते हुए भगवान केदारनाथ जी के मंदिर में पहुंची। पैदल रास्तों से होते हुए केदारनाथ धाम पहुंची मनीष कोठारी ने बताया कि केदारनाथ धाम के अलौकिक दर्शन करने के बाद ऐसा महसूस हुआ कि वह स्वर्ग में आ गए हैं। गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ धाम तक मार्ग पर जगह-जगह सरकार द्वारा दुर्गम रास्तों पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के अनुसार अच्छी व्यवस्था की गई थी। उन्होंने यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी का भी विशेष रूप से आभार जताया। देहरादून एक्सप्रेस की सह संपादक मनीष कोठारी ने बताया कि दिल्ली से उनके साथ उनकी सहेली निष्ठा गुप्ता के अलावा देहरादून के डोईवाला से परिवार से चाचा श्री
महेश कोठारी, चाचा श्रीमती मंजू कोठारी, वह भाई बहन महक कोठारी, मयंक कोठारी व निष्ठा गुप्ता ने भी बाबा भगवान केदारनाथ जी के दर्शन किए। उन्होंने बताया कि रविवार को भगवान केदारनाथ धाम जी के दर्शनों के बाद सोमवार सुबह वह वापस गौरीकुंड तक पैदल यात्रा को पूरी करेंगे।