आशा कोठारी
उत्तरकाशी / देहरादून:
ट्रैकरों के फंसने की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिए थे एयर रेस्क्यू के निर्देश
-विषम परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीम ने 36 घण्टे से कम समय में पूरा किया रेस्क्यू
-एसडीआरएफ, आईटीबीपी और एयर फोर्स की टीमें मौके पर भेज कर समय पर संभाल ली स्थिति
-बर्फीले तूफान की चपेट में आने से जान गवांने वाले 9 ट्रैकरों के शव भी किए रेस्क्यू
-48 किमी क्षेत्र में चार से पांच हजार मीटर ऊंचाई पर घने जंगल, बुग्याल, पठार और बर्फीले क्षेत्र से गुजरता यह ट्रैक
सरकार की संजीदगी से सहस्रताल ट्रैक पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे 13 ट्रैकर्स को नया जीवन मिला है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद इस ऑपरेश की मॉनिटरिंग की और मुसीबत में फंसे सभी ट्रैकर्स और गाइडों को सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया है। जबकि बर्फीले तूफान से जान गवांने वाले 9 ट्रैकर्स के शवों को भी हेली रेस्क्यू से परिजनों तक सुपुर्द कराया है। मुख्यमंत्री ने घटना में जान गवांने वाले ट्रैकर्स के प्रति गहरा दुःख जताया है।
जनपद उत्तरकाशी के विषम परिस्थितियों वाले मल्ला-बेलक-कुशकल्याण-सहस्रताल ट्रैक करीब 48 किमी और 4 से 5 हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। खड़ी चढ़ाई, घने जंगल, बुग्याल और हिमालयी ग्लेशियरों से ट्रैक गुजरता है। इस ट्रैक पर कर्नाटक और अन्य राज्यों के करीब 22 ट्रैकर्स ट्रैकिंग को गए थे। ट्रैकिंग के दौरान सहस्रताल में बर्फीले तूफान की चपेट में आने से 9 ट्रैकर्स की मौत हो गई थी। जबकि 13 मुसीबत में फंस गए थे। इसकी सूचना 4 जून को देर रात को जिला प्रशासन को मिली थी। प्रशासन में तत्काल सूचना शासन को दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में मामला आने पर उन्होंने बिना देरी के एसडीआरएफ, आईटीबीपी, वन विभाग और एयर फोर्स की मदद लेते हुए रेस्क्यू शुरू करने के निर्देश दिए। 5 जून को सहस्रताल क्षेत्र में खराब मौसम के बावजूद जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे 13 ट्रैकर्स, गाइड और पोर्टर को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित रेस्क्यू कर दिया था। इसके अलावा आज सुबह यहां 4 ट्रैकर्स के शवों को भी रेस्क्यू कर लिया है। सभी ट्रैकर्स को देहरादून तक पहुंचाया गया। जबकि हादसे में जान गवांने वाले 9 ट्रैकर्स के पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिए हैं इधर, मुख्यमंत्री धामी के निर्देश और मॉनिटरिंग में चल रहा रेस्क्यू कार्य गुरुवार को करीब 36 घण्टे से कम समय में पूरा हो गया है। समय पर मुसीबत में फंसे ट्रैकर्स को सकुशल रेस्क्यू करने पर मुख्यमंत्री धामी ने रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल सभी टीमों के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू टीम ने पहले दिन ही सभी फंसे हुए ट्रैकर्स को सुरक्षित रेस्क्यू कर दिया था। आज गुरुवार को शेष शवों को भी परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। यह पूरी टीम की दक्षता, क्षमता और तत्परता का ही परिणाम है कि विकट परिस्थितियों में चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा किया है।
सहस्त्रताल सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन संपन्न: रेस्क्यू कर कुल 13 लोगों को सुरक्षित बचाया गया, नौ ट्रैकर्स की मौत
-मुख्यमंत्री पहले दिन से ट्रैकर्स की खोज एवं बचाव के लिए संचालित रेस्क्यू अभियान पर निरंतर नजर रखे रहे
सिल्ला-कुशकल्याण-सहस्त्रताल ट्रैक पर फंसे पर्यटकों की खोज एवं बचाव के लिए संचालित अभियान आज संपन्न हो गया है। इस रेस्क्यू अभियान में तेरह ट्रैकर्स को गत दिवस सुरक्षित निकाल लिया गया था। आज दूसरे दिन प्रातः अभियान की शुरूआत करते हुए वायु सेना के दो चीता हेलीकॉप्टर्स के जरिए घटनास्थल से चार शवों को निकाल कर नटीण हेलीपैड लाया गया। इस प्रकार, हादसे में मरने वाले ट्रैकर्स की संख्या नौ हो गई है। उधर, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सिल्ला-कुशकल्याण-सहस्त्रताल ट्रैक पर फंसे पर्यटकों की खोज एवं बचाव के लिए संचालित रेस्क्यू अभियान पर निरंतर नजर रखे रहे। उन्होंने रेस्क्यू अभियान में हर संभव विकल्पों और संसाधनों का प्रयोग करने की हिदायत दी थी।
हादसे में घटनास्थल से सुरक्षित निकाले गए 8 लोगों को गत दिवस देहरादून भेजा जा चुका है। जबकि यहां रूके पॉंच अन्य ट्रैकर्स को आज देहरादून भेजा जा रहा है। घटनास्थल से बरामद सभी नौ शवों को नटीण हेलीपैड से जिला अस्पताल उत्तरकाशी लाकर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जा रही है। कुछ देर बाद इन सभी शवों को वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से देहरादून भेजा जाएगा।
आज सुबह घटनास्थल से एसडीआरएफ के तीन रेस्क्यूअर्स को भी हेलीकॉप्टर की मदद से नटीण लाया गया है और रेस्क्यू के लिए जमीनी रास्ते से आगे बढ रही टीमों को भी वापस लाने की कार्रवाई चल रही है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर हादसे की सूचना मिलते ही रातों-रात वायु सेना से लेकर निजी कंपनियों के हेलीकॉप्टर्स जुटाने के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रेस्क्यू करने में दक्ष व अनुभवी रेस्क्यूअर्स की अनेक टीमों को तैयार कर अगले दिन तड़के ही कई दिशाओं से जमीनी व हवाई रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया और दोपहर होने तक सभी जीवित ट्रैकर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया था।
मुख्यमंत्री शुरू से इस अभियान को लेकर निरंतर जिलाधिकारी से अपडेट लेते रहे। मुख्यमंत्री ने इस हादसे में ट्रैकर्स की मौत होने पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को इस रेस्क्यू अभियान में हर संभव विकल्पों पर कार्रवाई करने के साथ ही उत्कृष्ट संसाधनों एव विशेषज्ञ रेस्क्यूअर्स को जुटाने के निर्देश देते हुए कहा था कि सहस़्त्रताल क्षेत्र में फंसे जीवित पर्यटकों के जीवन के रक्षा के लिए कोई भी कसर न रखी जाए।
मुख्यमंत्री ने इस जटिल व अत्यंत चुनौतीपूर्ण अभियान को तेजी से संचालित करने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे सभी लोगों, विभागों व संगठनों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पूरी दक्षता, क्षमता व तत्परता के साथ रेस्क्यू अभियान संचालित करने के फलस्वरूप इस हादसे में जीवित सभी व्यक्तियों को गत दिन ही सुरक्षित निकालने में सफलता मिली है।