आशा कोठारी
डोईवाला/देहरादून:
डोईवाला निवासी सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार, कार्टूनिस्ट, शिक्षक श्री डॉक्टर विजय पाल सिंह जी का सोमवार को 94 साल की उम्र में निधन हो गया है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है। डॉ विजय पाल सिंह जी के सहयोगी रहे, संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता, समाजसेवी श्री प्रेम बड़ाकोटी ने बताया कि मूल रूप से उत्तराखंड के रुड़की हरिद्वार के रहने वाले डॉक्टर विजयपाल जी एक बहुत बड़े विद्वान वह कार्टूनिस्ट भी रहे। उन्होंने बताया कि 1952 में डॉक्टर विजयपाल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में तत्कालीन संघ के प्रचारक कृष्ण चंद गांधी के संपर्क में आए थे। वह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 1952 में सरस्वती शिशु मंदिर के स्थापना काल के पहले सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय के आचार्यो की टीम में भी शामिल थे। बदायूं इंटर कॉलेज में वह कला के अध्यापक भी रहे। कला के क्षेत्र में तत्कालीन समय पर उनकी पुस्तक उत्तर प्रदेश में विद्यालयों में भी पढ़ाई गई। उन्होंने व्यंग्यकार व कार्टूनिस्ट के रूप में पर कई शोध भी किए। देश के कई सुप्रसिद्ध व्यंगकार कार्टूनिस्ट के रूप में उन्होंने ख्याति प्राप्त की थी कई पत्र पत्रिकाओं अखबारों में उनके व्यंग्यात्मक कार्टून प्रकाशित भी होते रहे। भारत के कई स्थानों में उनकी प्रदर्शनी भी लगी। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय श्री पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सानिध्य में भी उनको काम करने का अवसर प्राप्त हुआ। दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन के संस्करण भी उन्हें याद थे। उन्होंने बताया कि मुंबई में भी कई सुप्रसिद्ध अभिनेताओं के साथ उन्होंने अपनी लघु व्यंग्य कार्टून की फिल्में भी बनाई। देश के बहुत बड़े कार्टूनिस्ट रहे डॉक्टर विजयपाल ने पीएचडी भी कर रखी थी। अल्पकाल से ही वह संघ के स्वयंसेवक रहे। इमरजेंसी में वह जेल भी रहे। उन्होंने जेल के अंदर कई यातना भी सही। उनका हमारे बीच में से इस तरह चले जाना बड़ा दुख का विषय है। डोईवाला निवासी स्वर्गीय डॉक्टर विजयपाल जी लंबे समय से प्रेमनगर- दूधली मार्ग पर अपने परिवार के साथ रह रहे थे। वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमती आशा कोठारी ने भी उनके निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है।