आशा कोठारी
देहरादून:

🌹🙏. विवाह की वर्षगांठ 🙏🌹
भू-वैकुण्ठ-कृतं वासं देवदेवं जगत्पतिम्
चतुर्वर्ग-प्रदातारं श्रीबदरीशं नमाम्यहम्
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरुपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
बंदउँ प्रथम महीसुर चरना
मोह जनित संसय सब हरना
सुजन समाज सकल गुन खानी
करउँ प्रनाम सप्रेम सुबानी
भगवान श्रीबदरीकेदार एवं माँ भगवती श्रीराजराजेश्वरी की असीम कृपा से आज हमारे विवाह के तैंतालीस वर्ष (43 वर्ष) आनन्दपूर्वक पूर्ण होने के पुनीत अवसर हम सबसे पहले इस धरा के देवता स्वरूप सभी ब्राह्मणों, आचार्यों, गुरुजनों एवं सभी देवों के श्रीचरणों में साष्टांग प्रणाम कर उनकी वन्दना करते हैं जो अज्ञान से उत्पन्न सब प्रकार के संदेहों को हरने वाले हैं।
इसके पश्चात फिर सर्व प्रकार से सम्पन्न एवं गुणों की खान भारत वर्ष के सनातनी संत समाज एवं पितृतुल्य सभी वृद्धजनो, स्नेही एवं मित्रजनो को भी बहुत आदर के साथ हृदय से प्रेम सहित एवं सुंदर वाणी से सादर प्रणाम करते हैं।
भगवान के शुभ मंगल आर्शीवाद के साथ साथ आपसे भी यह विन्रम प्रार्थना करते हैं कि आपका स्नेह प्यार व आर्शीवाद भविष्य में भी इसी प्रकार पूर्ववत प्राप्त होता रहेगा।
हम भगवान व गुरुजनों जो सबका मंगल ही मंगल करते हैं उनके श्रीचरणों से भी आप सभी के मंगलमय व सुखद भविष्य के लिये प्रतिपल कामना व प्रार्थना करते रहते हैं।
पं०/ई०सुन्दर लाल उनियाल
नैतिक शिक्षा व आध्यात्मिक प्रेरक