उत्तराखण्ड की रचना में जिन प्रतिभाओं का योगदान है शौर्य गाथा के क्रम में उनका यशवर्णन किया है।

देहरादून:

आशा कोठारी

पुण्यस्मरण : अपने प्रदेश, उत्तराखण्ड की रचना में जिन प्रतिभाओं का योगदान है, उनमें एक प्रमुख स्तम्भ, देश के प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ० माणिक चन्द्र बाजपेयी ने अपने ग्रन्थ,’ज्योति जला निज प्राण की’ में संघ स्वयंसेवको की शौर्य गाथा के क्रम में उनका यशवर्णन किया है। सहारनपुर इलैक्ट्रिक प्रेस से प्रकाशित “एक अनथक साधक” पुस्तक में उनके समग्र व्यक्तिव, कृतित्व की चर्चा है। पूज्यनीय श्री गुरुजी के स्नेहपात्र,पं० दीनदयाल जी के निकट सहयोगी तथा १९७५ में आपात्काल के ‘लोकतन्त्र सेनानी’,उत्तराखण्ड में आदरणीय शोभनसिह जीना,श्रद्धेय गजेन्द्र दत्त नैथानी की पुरानी टीम के साथी श्रद्धेय देवेन्द्र दत्त शास्त्री । कृतज्ञ कार्यकर्ताओं की ओर से,विनम्र स्मरणाञ्जलि !!