देहरादून:
आशा कोठारी


पं0 ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय में संविधान दिवस के अवसर पर गोष्ठी आयोजित।
पं0 ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानन्द सभागर में आज दिनांक 26.11.2025 को संविधान दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम राष्ट्रीय गीत ‘‘वन्दे मातरम्’’ का सामूहिक गायन किया गया।
समारोह का शुभारम्भ करते हुए परिसर निदेशक प्रो0 महाबीर सिंह रावत ने उपस्थित शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति हमेशा सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा, आदर्शों, सपनों और महान मूल्यों का जीवन्त प्रतीक है। संविधान हमें केवल अधिकार ही नहीं देता बल्कि कर्तव्यों, नैतिक जिम्मेदारियों और समाज व राष्ट्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की भी याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् के सामूहिक गायन से राष्ट्रीय गौरव, एकता और देशभक्ति की भावना का प्रसार होता है। उन्होंने प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं को आह्वान किया कि वे संविधान में निहित सर्वोच्च मूल्यों को सदैव आत्मसात करें, कर्तव्य परायणता को सर्वोपरि रखें और सद्भाव, शांति एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ राष्ट्र के विकास में सक्रिय सहभागिता निभायें।
इतिहास विभाग की शोध छात्रा नाजिया अंसारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए संविधान बनने की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला।
राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो0 डी0के0पी0 चौधरी ने संविधान दिवस के महत्व एवं संविधान निर्माण पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हर साल 26 नवम्बर को मनाया जाने वाला संविधान दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं बल्कि उस लंबे और कठिन सफर की याद है जब देश के महान नेताओं ने मिलकर भारत का संविधान तैयार किया। एक ऐसा दस्तावेज जो आज भी करोड़ों लोगों के जीवन का मार्गदर्शन करता है।
प्रो0 दिनेश शर्मा ने संविधान के विविध बिंदुओं को अन्य देशों के प्रावधानों से जोड़ते हुए उनकी महत्ता पर प्रकाश डाला। साथ ही प्राचीन भारत में इन मूल्यों के विकास की व्याख्या की।
हिन्दी विभाग के प्रो0 मुक्तिनाथ यादव ने डॉ0 भीमराव अंबेडकर के योगदान की चर्चा की तथा संवैधानिक मूल्यों पर बल दिया।
इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो0 संगीता मिश्रा ने संविधान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान हमारी अमूल्य निधि है और इसके आदर्शों को प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
इस अवसर पर परिसर के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारीगण, एन0सी0सी0 कैडेट्स एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन प्रो0 अधीर कुमार के द्वारा किया गया।
प्रेस नोट
संविधान दिवस के अवसर पर सामूहिक वन्देमातरम् का किया गया गायन
पं0 ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय में संविधान दिवस के अवसर पर गोष्ठी आयोजित।
पं0 ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानन्द सभागर में आज दिनांक 26.11.2025 को संविधान दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम राष्ट्रीय गीत ‘‘वन्दे मातरम्’’ का सामूहिक गायन किया गया।
समारोह का शुभारम्भ करते हुए परिसर निदेशक प्रो0 महाबीर सिंह रावत ने उपस्थित शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति हमेशा सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा, आदर्शों, सपनों और महान मूल्यों का जीवन्त प्रतीक है। संविधान हमें केवल अधिकार ही नहीं देता बल्कि कर्तव्यों, नैतिक जिम्मेदारियों और समाज व राष्ट्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की भी याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् के सामूहिक गायन से राष्ट्रीय गौरव, एकता और देशभक्ति की भावना का प्रसार होता है। उन्होंने प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं को आह्वान किया कि वे संविधान में निहित सर्वोच्च मूल्यों को सदैव आत्मसात करें, कर्तव्य परायणता को सर्वोपरि रखें और सद्भाव, शांति एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ राष्ट्र के विकास में सक्रिय सहभागिता निभायें।
इतिहास विभाग की शोध छात्रा नाजिया अंसारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए संविधान बनने की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला।
राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो0 डी0के0पी0 चौधरी ने संविधान दिवस के महत्व एवं संविधान निर्माण पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हर साल 26 नवम्बर को मनाया जाने वाला संविधान दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं बल्कि उस लंबे और कठिन सफर की याद है जब देश के महान नेताओं ने मिलकर भारत का संविधान तैयार किया। एक ऐसा दस्तावेज जो आज भी करोड़ों लोगों के जीवन का मार्गदर्शन करता है।
प्रो0 दिनेश शर्मा ने संविधान के विविध बिंदुओं को अन्य देशों के प्रावधानों से जोड़ते हुए उनकी महत्ता पर प्रकाश डाला। साथ ही प्राचीन भारत में इन मूल्यों के विकास की व्याख्या की।
हिन्दी विभाग के प्रो0 मुक्तिनाथ यादव ने डॉ0 भीमराव अंबेडकर के योगदान की चर्चा की तथा संवैधानिक मूल्यों पर बल दिया।
इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो0 संगीता मिश्रा ने संविधान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान हमारी अमूल्य निधि है और इसके आदर्शों को प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
इस अवसर पर परिसर के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारीगण, एन0सी0सी0 कैडेट्स एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन प्रो0 अधीर कुमार के द्वारा किया गया।