डोईवाला / देहरादून:
आशा कोठारी

देवभूमि उत्तराखंड के प्रति हमेशा से ही श्रीमती रश्मी सिंह का जुडाव रहा है। उत्तराखंड के युवा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की युवा सोच कि भी वह कायल बनी हुई है। मूल रूप से देवभूमि उत्तराखंड के देहरादून निवासी श्रीमती रश्मी सिंह स्वर्गीय बीरेन्द्र सिंह बिष्ट कि सुपुत्री है। देहरादून निवासी अपने भाई रिटायर मेजर श्री रविंद्र बिष्ट की तरह वह भी सामाजिक दायित्वो के प्रति हमेशा से ही गंभीर रही है। श्रीमती रश्मी ने
गढ़वाल विश्वविद्यालय से मास्टर्स मनोविज्ञान में किया। वह विवाह के बाद वह ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन शहर में शिफ्ट हो गई।
वहाँ उन्होंने मास्टर्स इन एप्लाइड लिंग्विस्टिक्स। यूनिवर्सिटी ऑफ़ क्वींसलैंड से उत्तीर्ण श्रेणी में किया।
वह ऑस्ट्रेलिया गवर्नमेंट के लिए ग़रीब देश से पीड़ित शरणार्थीयों को पूर्ण निवास कराने में सहायता भी करती हैं। अपने देश भारत के साथ उनका हमेशा से ही लगाव रहा है। देवभूमि उत्तराखंड तो उनके दिल में बसता है। आदर्श औद्योगिक स्वायत्ता सहकारिता संस्था (डोईवाला) देहरादून के सचिव हरीश कोठारी ने सामाजिक कर्तव्यों के प्रति उनके योगदान को देखते हुए उन्हें अपनी संस्था की ओर से सम्मानित भी किया।